जब चांदी की कीमत 4 लाख रà¥à¤ªà¤ किलो तक चली गई थी, तो ममà¥à¤®à¥€ ने सोचा कि घर रखें ये अपने टूटे फूटे बेकार पड़े ये चांदी के जेवर बेच देती हूं।
लेकिन हैरानी की बात ये रही कि चांदी इतनी महंगी होने के बावजूद à¤à¥€ किसी सà¥à¤¨à¤¾à¤° ने इस चांदी को खरीदने में रà¥à¤šà¤¿ नहीं दिखाई, बस उस समय सब दà¥à¤•ानदार ऊंचे दामों में अपनी चांदी के सामान बेचने में वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ थे, खरीदने को कोई तैयार नहीं हà¥à¤†...
इस अनà¥à¤à¤µ से मैंने à¤à¤• बात सीखी है, सिरà¥à¤« ये सà¥à¤¨à¤•र कि कोई चीज महंगी हो रही है, उस चीज में अपना पैसा फसाना कोई समà¤à¤¦à¤¾à¤°à¥€ नहीं है...
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जब आप अपना सामान बेचने जाओगे तो आपको अपने सामान का खरीददार मिलना इतना आसान नहीं होगा।
इसलिठà¤à¥€à¤¡à¤¼ के पीछे नहीं, बलà¥à¤•ि अपनी समà¤à¤¦à¤¾à¤°à¥€ से अपने पैसे को निवेश करें।
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